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आठवीं तक पढ़कर पास होंगे बच्चे
मप्र में अब आठवीं तक के विद्यार्थियों को फेल नहीं करने की नीति खत्म होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब बिना परीक्षा पास किए कोई भी विद्यार्थी अगली कक्षा में नहीं जा पाएगा। सभी कक्षाओं में परीक्षा होगी। मुख्यमंत्री दो दिनी कलेक्टर, कमिश्नर्स, सीईओ और एसपी कॉन्फे्रंस के समापन के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। माना जा रहा है कि इसी सत्र से यह योजना लागू हो जाएगी। इस निर्णय का शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भी स्वागत करते हुए कहा है कि इससे शिक्षकों पर अच्छा परिणाम देने का दबाव होगा और बच्चों की नींव भी मजबूत होगी।
बहुत सही निर्णय है। अभी तक आठवीं तक के बच्चों को अहसास नहीं होता था। उन्हें लगता था पढ़ता है तो ठीक, नहीं पढ़ता है तो ठीक। पास हो ही जाएंगे। इस निर्णय के बाद बच्चों में शुरू से ही पढ़कर पास होने की आदत लग जाए तो भविष्य उज्जवल होगा।
बच्चों पर तनाव दूर कम करने को लेकर पहले यशपाल कमेटी की सिफारिश पर आठवीं तक बच्चों को पास करने का निर्णय लिया गया था लेकिन इससे तनाव दूर नहीं हो रहा था बल्कि पोसपोन हो रहा था। 9वीं में आकर पता चलता था बच्चों को कुछ नहीं आता। अच्छा फैसला है।
शिक्षा के विषय में निर्णय सोच-समझकर लिए जाने चाहिए। पहले आठवीं कक्षा तक बच्चों को पास करने का जो निर्णय लिया गया था उसके बाद मप्र शिक्षा के क्षेत्र में पिछडऩे लगा था। यह निर्णय अच्छा है।
यह निर्णय समाज और राष्ट्रहित में है और स्वागत योग्य है। पहले शिक्षक ध्यान नहीं देते थे लेकिन अब उन पर अच्छा रिजल्ट देने का दबाव होगा। पढ़कर पास होने की आदत से योग्य बच्चे ही आगे बढ़ पाएंगे।